अच्छे लोगों के साथ बुरा क्यों होता है ?
परमेश्वर यहोवा * सारी चीज़ों का सृष्टिकर्ता है और वह सर्वशक्तिमान है। इसलिए बहुत-से लोग शायद कहें, दुनिया में अच्छा या बु
रा जो भी होता है सब उसी का किया-कराया है, वही सब बातों के लिए ज़िम्मेदार है। लेकिन गौर कीजिए कि सच्चे परमेश्वर यहोवा के बारे में बाइबल क्या कहती है:
“यहोवा जो भी करता है, अच्छा ही करता है।”—भजन 145:17, हिंदी ईज़ी-टू-रीड वर्शन।
परमेश्वर की सारी गति या काम न्याय के हैं। वह सच्चा ईश्वर है, उस में कुटिलता नहीं, वह धर्मी और सीधा या खरा है।’—व्यवस्थाविवरण 32:4.
“यहोवा गहरी करुणा दिखाता है और दयालु परमेश्वर है।”—याकूब 5:11.
परमेश्वर कभी किसी के साथ बुरा नहीं करता। लेकिन क्या वह दूसरों को बुरे काम करने के लिए उकसाता है? हरगिज़ नहीं! शास्त्र वचन कहता है, “जब किसी की परीक्षा हो रही हो तो वह यह न कहे: ‘परमेश्वर मेरी परीक्षा ले रहा है।’” क्यों? क्योंकि “न तो बुरी बातों से परमेश्वर को परीक्षा में डाला जा सकता है, न ही वह खुद बुरी बातों से किसी की परीक्षा लेता है।” (याकूब 1:13) परमेश्वर कभी किसी की परीक्षा लेने या उसे परखने के लिए उससे बुरे काम नहीं करवाता। वह न तो खुद किसी के साथ बुरा करता है और न दूसरों को बुरा करने के लिए उकसाता है। तो फिर जब कुछ बुरा होता है, तो कौन उसके लिए कसूरवार या ज़िम्मेदार होता है?
परमेश्वर यहोवा * सारी चीज़ों का सृष्टिकर्ता है और वह सर्वशक्तिमान है। इसलिए बहुत-से लोग शायद कहें, दुनिया में अच्छा या बु
रा जो भी होता है सब उसी का किया-कराया है, वही सब बातों के लिए ज़िम्मेदार है। लेकिन गौर कीजिए कि सच्चे परमेश्वर यहोवा के बारे में बाइबल क्या कहती है:
“यहोवा जो भी करता है, अच्छा ही करता है।”—भजन 145:17, हिंदी ईज़ी-टू-रीड वर्शन।
परमेश्वर की सारी गति या काम न्याय के हैं। वह सच्चा ईश्वर है, उस में कुटिलता नहीं, वह धर्मी और सीधा या खरा है।’—व्यवस्थाविवरण 32:4.
“यहोवा गहरी करुणा दिखाता है और दयालु परमेश्वर है।”—याकूब 5:11.
परमेश्वर कभी किसी के साथ बुरा नहीं करता। लेकिन क्या वह दूसरों को बुरे काम करने के लिए उकसाता है? हरगिज़ नहीं! शास्त्र वचन कहता है, “जब किसी की परीक्षा हो रही हो तो वह यह न कहे: ‘परमेश्वर मेरी परीक्षा ले रहा है।’” क्यों? क्योंकि “न तो बुरी बातों से परमेश्वर को परीक्षा में डाला जा सकता है, न ही वह खुद बुरी बातों से किसी की परीक्षा लेता है।” (याकूब 1:13) परमेश्वर कभी किसी की परीक्षा लेने या उसे परखने के लिए उससे बुरे काम नहीं करवाता। वह न तो खुद किसी के साथ बुरा करता है और न दूसरों को बुरा करने के लिए उकसाता है। तो फिर जब कुछ बुरा होता है, तो कौन उसके लिए कसूरवार या ज़िम्मेदार होता है?
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